शून्य से एडवांस तक — पूर्ण अध्याय | स्कूल और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए
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🚀 पढ़ना शुरू करेंसाधारण ब्याज को समझने से पहले इन बेसिक शब्दों को अच्छी तरह समझ लें
मान लीजिए आपने किसी दोस्त से ₹1000 उधार लिए। दोस्त ने कहा — "एक साल बाद तुम मुझे ₹1100 वापस देना।" यहाँ ₹1000 तो वह रकम है जो आपने उधार ली थी, और ₹100 extra जो आपने दिए — यही ब्याज (Interest) है।
सरल शब्दों में: जब कोई व्यक्ति या संस्था (जैसे बैंक) किसी को पैसे उधार देती है, तो उधार देने वाले को जो अतिरिक्त धन मिलता है, उसे ब्याज कहते हैं। ब्याज मूलधन का एक निश्चित प्रतिशत होता है जो समय के साथ लगता है।
ब्याज इसलिए लिया जाता है क्योंकि: (1) उधार देने वाले को उसके पैसे का उपयोग न कर पाने का नुकसान होता है, (2) मुद्रास्फीति (inflation) से पैसे की value कम होती है, (3) डिफ़ॉल्ट का जोखिम होता है। बैंक और वित्तीय संस्थाएँ ब्याज से ही अपना खर्च चलाती हैं और मुनाफ़ा कमाती हैं।
मूलधन वह प्रारंभिक धनराशि है जो उधार ली जाती है या उधार दी जाती है। इसे P से दर्शाते हैं।
उदाहरण: यदि राम ने बैंक से ₹50,000 का लोन लिया, तो मूलधन (P) = ₹50,000
मूलधन हमेशा वह रकम होती है जो शुरुआत में ली या दी गई हो। इसमें ब्याज शामिल नहीं होता।
ब्याज दर वह प्रतिशत है जिस पर ब्याज लगाया जाता है। इसे R या R% से दर्शाते हैं। यह आमतौर पर वार्षिक (per annum) होती है।
उदाहरण: यदि ब्याज दर 8% वार्षिक है, तो इसका मतलब है कि हर साल मूलधन के हर ₹100 पर ₹8 ब्याज लगेगा।
₹10,000 पर 8% वार्षिक दर से 1 साल का ब्याज = ₹10,000 × 8/100 = ₹800
प्रश्न में दर हमेशा % में दी जाती है। सूत्र में उपयोग करते समय 100 से भाग देना न भूलें। यदि दर "प्रति माह" दी गई हो तो उसे वार्षिक में बदलें (×12 करें)।
समय वह अवधि है जिसके लिए धन उधार लिया गया है। इसे T से दर्शाते हैं। समय आमतौर पर वर्षों में मापा जाता है।
समय रूपांतरण:
यदि दर वार्षिक है तो समय भी वर्षों में होना चाहिए। यदि दर मासिक है तो समय महीनों में होगा।
साधारण ब्याज वह ब्याज है जो केवल मूलधन पर लगाया जाता है। इसमें ब्याज पर ब्याज नहीं लगता। हर अवधि में ब्याज समान रहता है।
उदाहरण: ₹10,000 पर 10% वार्षिक दर से:
ध्यान दें: हर साल ब्याज समान है क्योंकि यह हमेशा मूलधन (₹10,000) पर लग रहा है, न कि पिछले ब्याज पर।
मिश्रधन वह कुल धनराशि है जो उधार लेने वाले को वापस करनी होती है। यह मूलधन और ब्याज का योग होता है।
उदाहरण: यदि मूलधन = ₹10,000 और ब्याज = ₹2,000, तो मिश्रधन = ₹10,000 + ₹2,000 = ₹12,000
साधारण ब्याज के सभी महत्वपूर्ण सूत्र एक जगह
जहाँ:
R% का मतलब है "हर ₹100 पर R रुपये ब्याज प्रति वर्ष"। तो P रुपये पर 1 साल का ब्याज = P × (R/100)। T साल का ब्याज = P × (R/100) × T = (P × R × T)/100। इसीलिए यह सूत्र काम करता है!
मिश्रधन का सूत्र A = P(1 + RT/100) कैसे आया?
SI = (P × R × T) / 100
A = P + SI
A = P + (P × R × T) / 100
A = P × [1 + (R × T) / 100]
A = P(1 + RT/100) ✅
हर कॉन्सेप्ट को गहराई से समझें — भ्रम दूर करें
यह सबसे महत्वपूर्ण अंतर है जो हर student को समझना चाहिए:
उदाहरण: ₹10,000 पर 10% दर से 3 साल का:
SI = (10000 × 10 × 3)/100 = ₹3,000
CI = 10000(1+10/100)³ - 10000 = ₹3,310
अंतर = ₹310 (CI ज्यादा है!)
बैंक आमतौर पर लोन पर साधारण ब्याज या चक्रवृद्धि ब्याज दोनों में से कोई भी लगा सकते हैं। छोटे लोन, किसान लोन, और कुछ विशेष योजनाओं में साधारण ब्याज का उपयोग होता है।
बैंक की गणना प्रक्रिया:
यदि आपने बैंक से ₹2,00,000 का लोन 9% वार्षिक दर पर 3 साल के लिए लिया:
SI = (2,00,000 × 9 × 3)/100 = ₹54,000
कुल राशि = ₹2,54,000
मासिक EMI ≈ ₹2,54,000 / 36 ≈ ₹7,056
ब्याज तीन चीज़ों पर निर्भर करता है — P, R और T। आइए देखें R और T का क्या असर होता है:
दर (R) का प्रभाव: दर जितनी ज्यादा, ब्याज उतना ज्यादा। यह सीधा समानुपात (directly proportional) है।
₹10,000 पर 2 साल का ब्याज:
समय (T) का प्रभाव: समय जितना ज्यादा, ब्याज उतना ज्यादा। यह भी सीधा समानुपात है।
₹10,000 पर 10% दर से ब्याज:
SI ∝ P, SI ∝ R, SI ∝ T — यानी ब्याज मूलधन, दर और समय तीनों के समानुपाती है। किसी एक को दोगुना करने पर ब्याज भी दोगुना हो जाता है।
प्रश्न पढ़ते ही सबसे पहले यह देखें कि क्या दिया गया है और क्या निकालना है:
| दिया गया है | निकालना है | सूत्र |
|---|---|---|
| P, R, T | SI | SI = PRT/100 |
| SI, R, T | P | P = (SI × 100)/(R × T) |
| SI, P, T | R | R = (SI × 100)/(P × T) |
| SI, P, R | T | T = (SI × 100)/(P × R) |
| P, R, T | A | A = P(1 + RT/100) |
| A, P | SI | SI = A - P |
| A, R, T | P | P = A/(1 + RT/100) |
हमेशा पहले यह लिखें: दिया है = ?, निकालना है = ? फिर सही सूत्र चुनें। इससे गलती की संभावना बहुत कम हो जाती है।
साधारण ब्याज केवल परीक्षा तक सीमित नहीं है — यह रोज़मर्रा की ज़िंदगी में काम आता है:
Word problems हल करने की 5-चरण विधि:
• समय को वर्ष में बदलना भूल जाना (माह/दिन → वर्ष)
• "मिश्रधन" और "ब्याज" में भ्रम — प्रश्न ध्यान से पढ़ें
• 100 से भाग देना भूल जाना
• अर्धवार्षिक/त्रैमासिक दर को सही से बदलना न आना
प्रतियोगी परीक्षाओं में समय बचाने के लिए ये ट्रिक्स ज़रूर सीखें
SI निकालने का सबसे तेज़ तरीका है प्रतिशत सोच का उपयोग करना:
R% दर से T वर्ष में कुल ब्याज प्रतिशत = R × T %
यानी, सीधे P का (R × T)% निकाल लो!
उदाहरण: ₹8,000 पर 12% दर से 3 साल का ब्याज?
कुल ब्याज % = 12 × 3 = 36%
SI = 8000 का 36% = 8000 × 36/100 = ₹2,880
इस तरीके से आप 100 से भाग देने का चरण skip कर सकते हैं और सीधे percentage निकाल सकते हैं। यह mental math के लिए बहुत उपयोगी है।
धन दोगुना होने में लगा समय = 100/R वर्ष
(साधारण ब्याज में)
उदाहरण: कोई धन 8% वार्षिक दर से कितने समय में दोगुना होगा?
T = 100/8 = 12.5 वर्ष
क्यों? दोगुना होने के लिए ब्याज = मूलधन होना चाहिए। SI = P → PRT/100 = P → RT = 100 → T = 100/R
जब दो स्थितियों की तुलना करनी हो, तो अनुपात का उपयोग करें:
यदि P समान हो: SI₁ : SI₂ = (R₁ × T₁) : (R₂ × T₂)
यदि R समान हो: SI₁ : SI₂ = (P₁ × T₁) : (P₂ × T₂)
उदाहरण: एक धन पर 5% दर से 4 साल का ब्याज और 8% दर से 3 साल का ब्याज का अनुपात?
SI₁ : SI₂ = (5 × 4) : (8 × 3) = 20 : 24 = 5 : 6
यदि A मिश्रधन दिया हो और RT% निकाल लिया हो:
P = A × 100 / (100 + RT)
उदाहरण: कोई धन 10% दर से 3 साल में ₹6,500 हो जाता है। मूलधन?
RT = 10 × 3 = 30%
P = 6500 × 100 / (100 + 30) = 6,50,000 / 130 = ₹5,000
यदि दर R₁% से R₂% हो जाए, तो ब्याज में अंतर:
अंतर = P × (R₂ - R₁) × T / 100
उदाहरण: ₹5,000 पर दर 8% से बढ़कर 10% हो जाए, 2 साल में ब्याज में कितना अंतर?
अंतर = 5000 × (10-8) × 2 / 100 = 5000 × 2 × 2 / 100 = ₹200
SI = PRT/100 की गणना तेज़ी से करने के लिए:
पहले 100 से भाग दें, फिर गुणा करें — इससे संख्याएँ छोटी हो जाती हैं।
या: P/100 × R × T — पहले P को 100 से भाग दें
उदाहरण: SI = (15,000 × 7 × 3) / 100
पहले: 15,000/100 = 150
फिर: 150 × 7 × 3 = 150 × 21 = ₹3,150
150 × 21 = 150 × 20 + 150 × 1 = 3000 + 150 = 3150. इस तरह छोटे-छोटे चरणों में गुणा करें।
1 माह = 1/12 वर्ष | 2 माह = 1/6 | 3 माह = 1/4 | 4 माह = 1/3
6 माह = 1/2 | 8 माह = 2/3 | 9 माह = 3/4 | 10 माह = 5/6
उदाहरण: ₹12,000 पर 9% दर से 8 महीने का ब्याज?
T = 8/12 = 2/3 वर्ष
SI = (12000 × 9 × 2/3) / 100 = 120 × 9 × 2/3 = 120 × 6 = ₹720
धन N गुना होने में लगा समय = (N - 1) × 100 / R वर्ष
उदाहरण: कोई धन 5% दर से कितने समय में 4 गुना होगा?
T = (4-1) × 100 / 5 = 3 × 20 = 60 वर्ष
तर्क: N गुना होने के लिए ब्याज = (N-1) × P होना चाहिए।
फॉर्मूला और कॉन्सेप्ट हमेशा याद रखने के लिए ये ट्रिक्स उपयोग करें
"SI = PRT बटा 100"
याद रखने की लाइन:
"पंडित (P) राम (R) तीर्थ (T) पर 100 रुपये चढ़ाते हैं"
P × R × T ÷ 100 = SI 🙏
बस SI = PRT/100 याद रखें। बाकी सब इसी से निकलते हैं:
P चाहिए? → SI × 100 / RT
R चाहिए? → SI × 100 / PT
T चाहिए? → SI × 100 / PR
"मिश्रधन = मूल + ब्याज"
A = P + SI
याद रखें: "अमाउंट में प्रिंसिपल और इंटरेस्ट दोनों हैं"
"माह को 12 से, दिन को 365 से भागो"
माह → वर्ष: ÷ 12
दिन → वर्ष: ÷ 365
वर्ष → माह: × 12
❌ 100 से भाग देना न भूलें
❌ समय को वर्ष में बदलना न भूलें
❌ मिश्रधन और ब्याज में भ्रम न करें
❌ दर वार्षिक है या मासिक — चेक करें
"100 बटा R"
SI में धन दोगुना होने का समय = 100/R
याद रखें: "सौ रुपये पर R रुपये ब्याज, तो सौ बटा R साल में दोगुना"
SI तीनों के समानुपाती है:
P दोगुना → SI दोगुना
R दोगुना → SI दोगुना
T दोगुना → SI दोगुना
• हमेशा P, R, T लिखकर शुरू करें
• इकाइयाँ चेक करें (वर्ष/माह)
• उत्तर तार्किक है या नहीं — चेक करें
• ब्याज कभी मूलधन से ज्यादा नहीं हो सकता (कम समय में)
आसान से कठिन तक — हर प्रकार के प्रश्न step-by-step हल
P = ₹5,000, R = 6% वार्षिक, T = 3 वर्ष
SI = (P × R × T) / 100
SI = (5000 × 6 × 3) / 100
SI = 90,000 / 100
SI = ₹900
P = ₹8,000, R = 5%, T = 4 वर्ष
SI = (8000 × 5 × 4) / 100 = 1,60,000 / 100 = ₹1,600
A = P + SI = 8000 + 1600 = ₹9,600
P = ₹10,000, R = 8%, T = 6 महीने
T = 6/12 = ½ वर्ष
SI = (10000 × 8 × ½) / 100 = (10000 × 8 × 1) / (100 × 2) = 80,000 / 200 = ₹400
SI = ₹600, R = 5%, T = 3 वर्ष
P = (SI × 100) / (R × T)
P = (600 × 100) / (5 × 3) = 60,000 / 15 = ₹4,000
P = ₹6,000, SI = ₹720, T = 2 वर्ष
R = (SI × 100) / (P × T)
R = (720 × 100) / (6000 × 2) = 72,000 / 12,000 = 6%
A = ₹6,000, R = 5%, T = 4 वर्ष, P = ?
A = P(1 + RT/100)
6000 = P(1 + 5×4/100) = P(1 + 20/100) = P(1.2)
P = 6000 / 1.2 = 60000 / 12 = ₹5,000
P = ₹12,000, R = 7.5%, T = 2 वर्ष 6 महीने
T = 2 + 6/12 = 2.5 = 5/2 वर्ष
SI = (12000 × 7.5 × 2.5) / 100
SI = 120 × 7.5 × 2.5 = 120 × 18.75 = ₹2,250
दोगुना होने का समय = 100/R
T = 100/8 = 12.5 वर्ष = 12 वर्ष 6 महीने
P = ₹15,000, SI = ₹3,600, T = 3 वर्ष
R = (SI × 100) / (P × T)
R = (3600 × 100) / (15000 × 3) = 3,60,000 / 45,000 = 8%
P = ₹20,000, R = 6%, T = 5 वर्ष
SI = (20000 × 6 × 5) / 100 = 6,00,000 / 100 = ₹6,000
A = P + SI = 20,000 + 6,000 = ₹26,000
यहाँ दर अलग-अलग अवधियों में अलग-अलग है। हर अवधि का ब्याज अलग निकालें।
SI₁ = P × 4 × 2 / 100 = 8P/100
SI₂ = P × 7 × 3 / 100 = 21P/100
SI₃ = P × 9 × 5 / 100 = 45P/100
SI₁ + SI₂ + SI₃ = 8P/100 + 21P/100 + 45P/100 = 74P/100 = ₹8,100
P = 8100 × 100 / 74 = ₹10,945.95 ≈ ₹10,946
A = ₹4,750, R = 5%, T = 3 वर्ष, P = ?
A = P(1 + RT/100)
4750 = P(1 + 5×3/100) = P(1 + 15/100) = P × 1.15
P = 4750 / 1.15 = 4,75,000 / 115 = ₹4,130.43
A = P(1 + RT/100)
2400 = P(1 + 4×5/100) = P(1 + 0.20) = 1.2P
P = 2400/1.2 = ₹2,000
A = ₹3,200, P = ₹2,000, T = 8 वर्ष, R = ?
SI = A - P = 3200 - 2000 = ₹1,200
R = (SI × 100)/(P × T) = (1200 × 100)/(2000 × 8) = 1,20,000/16,000 = 7.5%
SI = PRT/100 = 450, T = 3
PR × 3/100 = 450 → PR = 15,000
नया SI = P(R+2)T/100 = P(R+2)×3/100
= (PR × 3/100) + (P × 2 × 3/100)
= 450 + (P × 6/100)
PR = 15000, लेकिन R नहीं पता। वैकल्पिक विधि:
अतिरिक्त ब्याज = P × 2 × 3 / 100 = 6P/100
PR/100 = 450/3 = 150 → P = 150 × 100/R
अतिरिक्त SI = 6 × (150 × 100/R) / 100 = 900/R
चूंकि PR = 15000, इसलिए P = 15000/R
अतिरिक्त SI = P × 2 × 3/100 = (15000/R) × 6/100 = 900/R
सरल तरीका: अतिरिक्त SI = (P × 2 × 3)/100। PR/100 = 150, इसलिए P/R = 15000/R²
शॉर्टकट: अतिरिक्त ब्याज = P × ΔR × T / 100। PR×3/100 = 450, इसलिए P/100 = 450/(3R) = 150/R
अतिरिक्त SI = 150/R × 2 × 3 = 900/R
मान लें R = 5% → P = 3000 → अतिरिक्त SI = 3000×2×3/100 = ₹180
5 वर्ष में A = ₹1,200 और 7 वर्ष में A = ₹1,320
2 वर्ष (7-5) का ब्याज = 1320 - 1200 = ₹120
1 वर्ष का SI = 120/2 = ₹60
5 वर्ष का SI = 60 × 5 = ₹300
P = A - SI = 1200 - 300 = ₹900
R = (SI × 100)/(P × T) = (300 × 100)/(900 × 5) = 30,000/4,500 = 6.67%
पहला भाग = ₹x, दूसरा भाग = ₹(25000 - x)
पहले भाग का ब्याज = x × 8 × 1/100 = 8x/100
दूसरे भाग का ब्याज = (25000-x) × 10 × 1/100 = (25000-x)×10/100
8x/100 + (25000-x)×10/100 = 2200
8x + 2,50,000 - 10x = 2,20,000
-2x = -30,000
x = ₹15,000
25,000 - 15,000 = ₹10,000
ब्याज = 2P (क्योंकि A = 3P, SI = A - P = 2P)
2P = PRT/100 → 2 = RT/100 → RT = 200
T = 6, इसलिए R = 200/6 = 100/3%
ब्याज = 5P (क्योंकि A = 6P)
5P = P × (100/3) × T / 100
5 = T/3
T = 15 वर्ष
N गुना होने का समय = (N-1) × 100/R
3 गुना → 2 × 100/R = 6 → 100/R = 3
6 गुना → 5 × 100/R = 5 × 3 = 15 वर्ष ✅
P = ₹50,000, R = 12%, T = 2 वर्ष
SI = (50000 × 12 × 2)/100 = ₹12,000
A = P + SI = 50,000 + 12,000 = ₹62,000
कुल महीने = 2 × 12 = 24
EMI = 62,000 / 24 = ₹2,583.33
SI₁ = (8000 × 5 × 2)/100 = ₹800
SI₂ = (8000 × 8 × 3)/100 = ₹1,920
SI₃ = (8000 × 10 × 1)/100 = ₹800
SI = 800 + 1920 + 800 = ₹3,520
A = P + SI = 8000 + 3520 = ₹11,520
SI = 4P/25, R = T (माना दोनों = x)
SI = PRT/100
4P/25 = P × x × x / 100
4/25 = x²/100
x² = 400/25 = 16
x = 4
अभ्यास से ही परफेक्ट बनता है — सभी प्रकार के प्रश्न हल करें
1. SI = (P × R × ) / 100
2. मिश्रधन = मूलधन +
3. 6 महीने = वर्ष
4. ₹10,000 पर 10% दर से 1 वर्ष का ब्याज = ₹
5. धन दोगुना होने का समय = वर्ष
अच्छा प्रयास!
सही उत्तर चुनें:
T = 2 + 4/12 = 2 + 1/3 = 7/3 वर्ष
SI = (20000 × 9 × 7/3) / 100 = 200 × 9 × 7/3 = 200 × 21 = ₹4,200
SI = A - P = 9300 - 7500 = ₹1,800
R = (SI × 100)/(P × T) = (1800 × 100)/(7500 × 4) = 1,80,000/30,000 = 6%
4 गुना होने का समय = (4-1) × 100/R = 3 × 100/6 = 50 वर्ष
T = 146/365 = 2/5 वर्ष
SI = (50000 × 7.5 × 2/5) / 100 = 500 × 7.5 × 2/5 = 500 × 3 = ₹1,500
SI₁ = (3000 × 5 × 2)/100 = ₹300
SI₂ = (4000 × 8 × 2)/100 = ₹640
कुल ब्याज = 300 + 640 = ₹940
मान डालें और तुरंत उत्तर पाएँ
परिणाम:
परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण पैटर्न और टिप्स
| परीक्षा | प्रश्न प्रकार | कठिनाई |
|---|---|---|
| SSC CGL/CHSL | मिश्रधन से मूलधन/दर निकालना | मध्यम |
| Railway NTPC | दोगुना/तिगुना होने का समय | आसान-मध्यम |
| Banking PO/Clerk | दो भागों में उधार, अलग-अलग दर | मध्यम-कठिन |
| Police Constable | सीधा SI निकालना, EMI गणना | आसान |
| State Exams | ब्याज दर/समय निकालना | आसान-मध्यम |
| UPSC CSAT | Word problems, conceptual | मध्यम |
प्रश्न में समय महीनों में दिया होता है लेकिन दर वार्षिक होती है। हमेशा समय को वर्ष में बदलें!
प्रश्न में "कुल राशि" पूछी जाती है लेकिन student सिर्फ ब्याज निकाल देता है। प्रश्न ध्यान से पढ़ें — ब्याज चाहिए या मिश्रधन?
"अर्धवार्षिक" का मतलब 6 महीने में एक बार। दर को adjust करना होता है। अर्धवार्षिक दर = वार्षिक दर/2
यदि ब्याज मूलधन का 2/5 है, तो SI = 2P/5। इसे सीधे सूत्र में रखें।
यदि R = T, तो R = T = x मानकर हल करें। x² वाला समीकरण बनेगा।
SSC में अक्सर "धन N गुना" वाले प्रश्न आते हैं। याद रखें: N गुना → (N-1)×100/R। यह 10 सेकंड में हल हो जाता है!
Railway में "5 वर्ष में ₹X, 7 वर्ष में ₹Y" type प्रश्न आते हैं। अंतर से 1 वर्ष का SI निकालें, फिर P निकालें।
Banking में "दो भागों में उधार" वाले प्रश्न आते हैं। मान लें x और (Total-x), फिर समीकरण बनाएँ।
Police exams में सीधे formula-based प्रश्न आते हैं। SI = PRT/100 याद रखें और तेज़ calculation करें।
परीक्षा से पहले इस सेक्शन को ज़रूर पढ़ें
SI = (P × R × T) / 100
A = P + SI = P(1 + RT/100)
P = (SI × 100) / (R × T)
R = (SI × 100) / (P × T)
T = (SI × 100) / (P × R)
माह → वर्ष: ÷ 12 | दिन → वर्ष: ÷ 365
3 माह = ¼ वर्ष | 6 माह = ½ वर्ष | 9 माह = ¾ वर्ष
दोगुना होने का समय: T = 100/R
N गुना होने का समय: T = (N-1) × 100/R
कुल ब्याज %: R × T %
✅ समय हमेशा वर्ष में लें (यदि दर वार्षिक है)
✅ 100 से भाग देना न भूलें
✅ मिश्रधन और ब्याज में भ्रम न करें
✅ उत्तर तार्किक है या नहीं — चेक करें
"पंडित राम तीर्थ पर 100 रुपये चढ़ाते हैं"
P × R × T ÷ 100 = SI 🙏