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📚 साझेदारी (Partnership)

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📖 अध्याय परिचय

साझेदारी क्या है? (What is Partnership?)

साझेदारी गणित का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अध्याय है जो व्यापार और वास्तविक जीवन से जुड़ा है।

🤝 साझेदारी की परिभाषा

जब दो या दो से अधिक व्यक्ति मिलकर कोई व्यापार शुरू करते हैं और उसमें पूँजी (Capital/Investment) लगाते हैं, तो इस प्रकार के व्यापार को साझेदारी (Partnership) कहते हैं।

व्यापार से जो लाभ (Profit) या हानि (Loss) होती है, वह सभी साझेदारों (Partners) में उनके निवेश (Investment) और समय (Time) के अनुपात में बाँटी जाती है।

💡
सरल भाषा में: जब दो या अधिक लोग मिलकर कोई बिज़नेस करते हैं, तो उसे साझेदारी कहते हैं। जो पैसा लगाया जाता है उसे "पूँजी" कहते हैं, और जो कमाई होती है उसे "लाभ" कहते हैं। लाभ का बँटवारा पूँजी और समय के आधार पर होता है।

🏪 वास्तविक जीवन में साझेदारी के उदाहरण

🏪

दुकान की साझेदारी

राम ने ₹50,000 और श्याम ने ₹30,000 लगाकर एक किराना दुकान खोली। दोनों साझेदार हैं। लाभ उनके निवेश के अनुपात 5:3 में बँटेगा।

🏗️

कंस्ट्रक्शन बिज़नेस

तीन इंजीनियर मिलकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी शुरू करते हैं। प्रत्येक अलग-अलग राशि निवेश करता है। लाभ उनके निवेश और समय के अनुसार बँटता है।

💻

स्टार्टअप

दो दोस्त मिलकर एक टेक स्टार्टअप शुरू करते हैं। एक ₹10 लाख लगाता है और दूसरा ₹5 लाख। उनका लाभ अनुपात 2:1 होगा (यदि समय समान हो)।

🚚

ट्रांसपोर्ट बिज़नेस

चार लोग मिलकर एक ट्रांसपोर्ट कंपनी बनाते हैं। एक ट्रक खरीदता है, दूसरा ड्राइवर लगाता है। सभी का निवेश अलग-अलग है, लाभ भी उसी अनुपात में बँटेगा।

📝 साझेदारी में प्रमुख शब्दावली

शब्दअंग्रेज़ीअर्थ
साझेदारPartnerव्यापार में भाग लेने वाला व्यक्ति
पूँजी / निवेशCapital / Investmentव्यापार में लगाया गया धन
लाभProfitव्यापार से हुई कमाई
हानिLossव्यापार से हुआ नुकसान
समयTimeजितने समय के लिए पूँजी लगी रही
लाभ अनुपातProfit Ratioलाभ बाँटने का अनुपात
कार्यकारी साझेदारWorking Partnerजो व्यापार में सक्रिय रूप से काम करता है
निष्क्रिय साझेदारSleeping Partnerजो केवल पैसा लगाता है, काम नहीं करता
वेतन / कमीशनSalary / Commissionकार्यकारी साझेदार को मिलने वाला अतिरिक्त हिस्सा
💡 मूल अवधारणाएँ

साझेदारी की Core Concepts

हर concept को गहराई से समझें — जैसे क्लासरूम में टीचर समझा रहा हो

1️⃣ लाभ क्यों बाँटा जाता है?

जब दो या अधिक लोग मिलकर व्यापार करते हैं, तो प्रत्येक व्यक्ति कुछ न कुछ योगदान (Contribution) देता है। यह योगदान पैसे के रूप में हो सकता है, समय के रूप में हो सकता है, या मेहनत के रूप में।

चूँकि हर साझेदार का योगदान अलग-अलग होता है, इसलिए लाभ भी उसी अनुपात में बाँटा जाता है जिस अनुपात में उन्होंने योगदान दिया है। यह न्यायसंगत (fair) तरीका है।

🎯
मूल नियम: जिसने जितना ज्यादा पैसा लगाया और जितने ज्यादा समय के लिए लगाया, उसे उतना ज्यादा लाभ मिलेगा।

2️⃣ निवेश (Capital) लाभ को कैसे प्रभावित करता है?

मान लीजिए A ने ₹60,000 और B ने ₹40,000 लगाए। दोनों ने समान समय के लिए पैसा लगाया।

तो उनका लाभ अनुपात होगा: 60,000 : 40,000 = 6 : 4 = 3 : 2

इसका मतलब, यदि कुल लाभ ₹5,000 है, तो A को (3/5) × 5000 = ₹3,000 और B को (2/5) × 5000 = ₹2,000 मिलेंगे।

📌
याद रखें: जब समय समान हो, तो लाभ का अनुपात = पूँजी का अनुपात

3️⃣ समय (Time) लाभ को कैसे प्रभावित करता है?

मान लीजिए A और B दोनों ने समान राशि (₹50,000) लगाई, लेकिन A ने 12 महीने के लिए और B ने 6 महीने के लिए।

तो उनका लाभ अनुपात होगा: (50,000 × 12) : (50,000 × 6) = 6,00,000 : 3,00,000 = 2 : 1

यानी A को B से दोगुना लाभ मिलेगा क्योंकि उसका पैसा दोगुना समय तक व्यापार में लगा रहा।

⚠️
सावधानी: केवल पूँजी देखकर लाभ अनुपात न निकालें। समय को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है!

4️⃣ पूँजी और समय का संबंध (Capital × Time)

साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण नियम यह है:

🔑 साझेदारी का मूल सूत्र
लाभ अनुपात = (पूँजी₁ × समय₁) : (पूँजी₂ × समय₂) : (पूँजी₃ × समय₃) ...
प्रत्येक साझेदार की पूँजी को उसके समय से गुणा करें, फिर सभी का अनुपात निकालें। यही लाभ बाँटने का अनुपात है।

उदाहरण: A ने ₹40,000 पूरे 12 महीने के लिए लगाए, B ने ₹60,000 केवल 8 महीने के लिए लगाए।

A का हिस्सा = 40,000 × 12 = 4,80,000
B का हिस्सा = 60,000 × 8 = 4,80,000
अनुपात = 4,80,000 : 4,80,000 = 1 : 1

💡
ध्यान दें: भले ही B ने ज्यादा पैसा लगाया, लेकिन कम समय के लिए लगाया, इसलिए दोनों का लाभ बराबर हुआ!

5️⃣ कार्यकारी साझेदार vs निष्क्रिय साझेदार

👷 कार्यकारी साझेदार (Working Partner)

  • व्यापार में सक्रिय रूप से काम करता है
  • दुकान चलाता है, प्रबंधन करता है
  • अपनी मेहनत के लिए वेतन/कमीशन लेता है
  • वेतन निकालने के बाद शेष लाभ में भी हिस्सा पाता है

😴 निष्क्रिय साझेदार (Sleeping Partner)

  • केवल पैसा लगाता है
  • व्यापार के काम में भाग नहीं लेता
  • कोई वेतन/कमीशन नहीं मिलता
  • केवल लाभ में अपना हिस्सा पाता है
📊
वेतन/कमीशन कैसे निकालें?
1. पहले कुल लाभ में से कार्यकारी साझेदार का वेतन/कमीशन निकालें
2. शेष लाभ को पूँजी × समय के अनुपात में बाँटें
3. कार्यकारी साझेदार को वेतन + लाभ का हिस्सा दोनों मिलते हैं
📂 साझेदारी के प्रकार

Types of Partnership

साझेदारी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है

📗

सरल साझेदारी (Simple Partnership)

जब सभी साझेदार समान समय के लिए अपनी पूँजी लगाते हैं, तो इसे सरल साझेदारी कहते हैं।

इस स्थिति में, लाभ का अनुपात सीधे पूँजी के अनुपात के बराबर होता है।

सरल साझेदारी सूत्र
लाभ अनुपात = पूँजी₁ : पूँजी₂ : पूँजी₃
समय समान होने पर केवल पूँजी का अनुपात निकालें
पहचान: यदि प्रश्न में सभी का समय समान दिया हो → सरल साझेदारी
📙

मिश्रित/यौगिक साझेदारी (Compound Partnership)

जब साझेदार अलग-अलग समय के लिए अपनी पूँजी लगाते हैं, तो इसे मिश्रित साझेदारी कहते हैं।

इस स्थिति में, लाभ का अनुपात पूँजी × समय के अनुपात से निकाला जाता है।

मिश्रित साझेदारी सूत्र
लाभ अनुपात = (C₁×T₁) : (C₂×T₂) : (C₃×T₃)
C = पूँजी (Capital), T = समय (Time)
पहचान: यदि प्रश्न में अलग-अलग समय दिया हो → मिश्रित साझेदारी

📊 सरल vs मिश्रित साझेदारी — तुलना

आधारसरल साझेदारीमिश्रित साझेदारी
समयसभी का समानअलग-अलग
लाभ अनुपातपूँजी का अनुपात(पूँजी × समय) का अनुपात
गणनासरलथोड़ी जटिल
उदाहरणA=₹30K, B=₹20K (दोनों 1 वर्ष)A=₹30K(12माह), B=₹20K(8माह)
सूत्रC₁ : C₂(C₁×T₁) : (C₂×T₂)

🔄 साझेदारी प्रश्न हल करने की प्रक्रिया

📝 प्रश्न पढ़ें
🔍 प्रकार पहचानें
(सरल/मिश्रित)
💰 पूँजी × समय
निकालें
📊 अनुपात
बनाएँ
✅ लाभ
बाँटें
📐 सभी महत्वपूर्ण सूत्र

Formula Section — सूत्र संग्रह

हर सूत्र को समझें, याद करें और लागू करें

📌 मूल सूत्र

लाभ अनुपात = (C₁×T₁) : (C₂×T₂)
C = पूँजी, T = समय

📌 सरल साझेदारी

लाभ अनुपात = C₁ : C₂ : C₃
जब समय समान हो

📌 A का लाभ हिस्सा

A का हिस्सा = (A का अनुपात / कुल अनुपात) × कुल लाभ
अनुपात के भाग से गुणा करें

📌 वेतन सहित लाभ

शेष लाभ = कुल लाभ − वेतन
पहले वेतन निकालें, फिर बाँटें

📌 कमीशन सूत्र

कमीशन = (कमीशन % / 100) × कुल लाभ
% को भिन्न में बदलें

📌 पूँजी ज्ञात करना

C₁ = (लाभ₁ × C₂ × T₂) / (लाभ₂ × T₁)
अनुपात से उल्टा निकालें

📌 समय ज्ञात करना

T₁ = (लाभ₁ × C₂ × T₂) / (लाभ₂ × C₁)
समय = लाभ अनुपात ÷ पूँजी अनुपात

📌 हानि बाँटना

हानि अनुपात = लाभ अनुपात के समान
हानि भी उसी अनुपात में बँटती है

📌 तीन साझेदार

(C₁T₁) : (C₂T₂) : (C₃T₃)
हर साझेदार का C×T निकालें
📐 सूत्र 1: सरल साझेदारी — विस्तृत व्याख्या
सरल साझेदारी में लाभ अनुपात
A का लाभ : B का लाभ = A की पूँजी : B की पूँजी
जब: दोनों साझेदारों ने समान समय के लिए निवेश किया हो
तब: केवल पूँजी का अनुपात निकालें
उदाहरण: A = ₹40,000, B = ₹60,000 → अनुपात = 40,000 : 60,000 = 2 : 3

याद रखने की ट्रिक: "समय समान → पूँजी का अनुपात = लाभ का अनुपात"

📐 सूत्र 2: मिश्रित साझेदारी — विस्तृत व्याख्या
मिश्रित साझेदारी में लाभ अनुपात
A:B = (C₁ × T₁) : (C₂ × T₂)
C₁ = A की पूँजी, T₁ = A का समय (महीनों में)
C₂ = B की पूँजी, T₂ = B का समय (महीनों में)
उदाहरण: A = ₹50,000 × 12 महीने = 6,00,000; B = ₹30,000 × 8 महीने = 2,40,000
अनुपात = 6,00,000 : 2,40,000 = 60 : 24 = 5 : 2
📐 सूत्र 3: वेतन/कमीशन सहित लाभ बँटवारा
कार्यकारी साझेदार का वेतन/कमीशन
चरण 1: वेतन/कमीशन निकालें
चरण 2: शेष लाभ = कुल लाभ − वेतन
चरण 3: शेष लाभ को अनुपात में बाँटें
उदाहरण: कुल लाभ = ₹20,000, A (कार्यकारी) का वेतन = ₹2,000/माह
वार्षिक वेतन = ₹2,000 × 12 = ₹24,000 → यह तो लाभ से ज्यादा है!
ऐसे में वेतन केवल लाभ से दिया जाएगा।

सामान्य स्थिति: कुल लाभ = ₹50,000, वेतन = ₹5,000
शेष लाभ = ₹50,000 − ₹5,000 = ₹45,000
अब ₹45,000 को अनुपात में बाँटें।
📐 सूत्र 4: साझेदार के जुड़ने/छोड़ने की स्थिति
साझेदार जुड़ने/छोड़ने पर
प्रत्येक साझेदार का (पूँजी × समय) अलग-अलग निकालें
फिर सभी का अनुपात बनाएँ
ध्यान रखें:
• जो साझेदार बाद में जुड़े, उसका समय कम होगा
• जो साझेदार बीच में छोड़ दे, उसका समय भी कम होगा
• समय हमेशा महीनों में निकालें

उदाहरण: A ने शुरू में ₹40,000 लगाए (12 महीने)। B ने 4 महीने बाद ₹60,000 लगाए (8 महीने)।
A = 40,000 × 12 = 4,80,000
B = 60,000 × 8 = 4,80,000
अनुपात = 1 : 1
📐 सूत्र 5: पूँजी या समय ज्ञात करना (Reverse Problems)
Reverse Formula
यदि लाभ अनुपात और एक की पूँजी दी हो:
C₂ = (लाभ₂ × C₁ × T₁) / (लाभ₁ × T₂)
उदाहरण: A और B का लाभ अनुपात 3:2 है। A की पूँजी ₹30,000 है (12 महीने)। B की पूँजी ज्ञात करें (8 महीने)।
3/2 = (30,000 × 12) / (C₂ × 8)
C₂ = (2 × 30,000 × 12) / (3 × 8) = 7,20,000 / 24 = ₹30,000

⚡ त्वरित सूत्र पत्रिका (Quick Formula Sheet)

📌 सरल साझेदारी

लाभ अनुपात = C₁ : C₂ : C₃

📌 मिश्रित साझेदारी

लाभ अनुपात = C₁T₁ : C₂T₂ : C₃T₃

📌 A का लाभ हिस्सा

= (a / a+b+c) × कुल लाभ

📌 वेतन सहित

शेष लाभ = कुल लाभ − वेतन

📌 कमीशन

= (कमीशन% / 100) × कुल लाभ

📌 हानि बँटवारा

हानि अनुपात = लाभ अनुपात

📝 हल किए गए उदाहरण

Solved Examples — उदाहरण संग्रह

बहुत आसान से लेकर कठिन तक — हर प्रकार के प्रश्न

📝 उदाहरण 1 — सरल साझेदारी आसान
A और B ने मिलकर एक व्यापार शुरू किया। A ने ₹30,000 और B ने ₹20,000 लगाए। यदि वर्ष के अंत में कुल लाभ ₹15,000 हुआ, तो प्रत्येक का लाभ हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

चरण 1: दोनों ने समान समय (1 वर्ष) के लिए निवेश किया, अतः यह सरल साझेदारी है।
चरण 2: पूँजी अनुपात निकालें
A : B = 30,000 : 20,000 = 3 : 2
चरण 3: अनुपात के भागों का योग = 3 + 2 = 5
चरण 4: A का लाभ = (3/5) × 15,000 = ₹9,000
चरण 5: B का लाभ = (2/5) × 15,000 = ₹6,000
✅ A का हिस्सा = ₹9,000, B का हिस्सा = ₹6,000
📝 उदाहरण 2 — तीन साझेदार आसान
A, B और C ने क्रमशः ₹25,000, ₹35,000 और ₹40,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। वर्ष के अंत में ₹20,000 का लाभ हुआ। प्रत्येक का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

चरण 1: पूँजी अनुपात = 25,000 : 35,000 : 40,000 = 5 : 7 : 8
चरण 2: कुल भाग = 5 + 7 + 8 = 20
चरण 3: A का हिस्सा = (5/20) × 20,000 = ₹5,000
चरण 4: B का हिस्सा = (7/20) × 20,000 = ₹7,000
चरण 5: C का हिस्सा = (8/20) × 20,000 = ₹8,000
✅ A = ₹5,000, B = ₹7,000, C = ₹8,000
📝 उदाहरण 3 — अनुपात से लाभ आसान
दो साझेदारों का लाभ अनुपात 4:5 है। यदि कुल लाभ ₹18,000 है, तो प्रत्येक का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ हल:

अनुपात = 4 : 5, कुल भाग = 4 + 5 = 9
पहले साझेदार का हिस्सा = (4/9) × 18,000 = ₹8,000
दूसरे साझेदार का हिस्सा = (5/9) × 18,000 = ₹10,000
✅ पहले का हिस्सा = ₹8,000, दूसरे का हिस्सा = ₹10,000
📝 उदाहरण 4 — मिश्रित साझेदारी मध्यम
A ने ₹50,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। 4 महीने बाद B ने ₹40,000 लगाकर साझेदारी की। वर्ष के अंत में कुल लाभ ₹33,000 हुआ। प्रत्येक का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

चरण 1: A का समय = 12 महीने, B का समय = 12 − 4 = 8 महीने
चरण 2: A का C×T = 50,000 × 12 = 6,00,000
चरण 3: B का C×T = 40,000 × 8 = 3,20,000
चरण 4: अनुपात = 6,00,000 : 3,20,000 = 60 : 32 = 15 : 8
चरण 5: कुल भाग = 15 + 8 = 23
चरण 6: A का हिस्सा = (15/23) × 33,000 = ₹21,521.74
चरण 7: B का हिस्सा = (8/23) × 33,000 = ₹11,478.26
✅ A ≈ ₹21,522, B ≈ ₹11,478
📝 उदाहरण 5 — साझेदार का छोड़ना मध्यम
A और B ने क्रमशः ₹60,000 और ₹40,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। 6 महीने बाद A ने अपनी पूँजी का आधा हिस्सा निकाल लिया। वर्ष के अंत में लाभ ₹28,000 हुआ। प्रत्येक का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

चरण 1: A की पूँजी: पहले 6 महीने = ₹60,000, बाद के 6 महीने = ₹30,000
चरण 2: A का C×T = (60,000 × 6) + (30,000 × 6) = 3,60,000 + 1,80,000 = 5,40,000
चरण 3: B का C×T = 40,000 × 12 = 4,80,000
चरण 4: अनुपात = 5,40,000 : 4,80,000 = 54 : 48 = 9 : 8
चरण 5: A का हिस्सा = (9/17) × 28,000 = ₹14,823.53
चरण 6: B का हिस्सा = (8/17) × 28,000 = ₹13,176.47
✅ A ≈ ₹14,824, B ≈ ₹13,176
📝 उदाहरण 6 — कार्यकारी साझेदार का वेतन मध्यम
A और B ने क्रमशः ₹45,000 और ₹30,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। A कार्यकारी साझेदार है और उसे कुल लाभ का 10% वेतन के रूप में मिलता है। यदि कुल लाभ ₹25,000 है, तो A का कुल हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

चरण 1: A का वेतन = 10% of ₹25,000 = ₹2,500
चरण 2: शेष लाभ = ₹25,000 − ₹2,500 = ₹22,500
चरण 3: पूँजी अनुपात = 45,000 : 30,000 = 3 : 2
चरण 4: A का लाभ हिस्सा = (3/5) × 22,500 = ₹13,500
चरण 5: A का कुल हिस्सा = वेतन + लाभ = ₹2,500 + ₹13,500 = ₹16,000
✅ A का कुल हिस्सा = ₹16,000
📝 उदाहरण 7 — पूँजी ज्ञात करना कठिन
A और B ने व्यापार शुरू किया। A ने ₹40,000 लगाए। वर्ष के अंत में लाभ 3:2 के अनुपात में बँटा। यदि दोनों ने समान समय के लिए निवेश किया, तो B की पूँजी ज्ञात करें।

✅ हल:

चरण 1: समय समान है, अतः लाभ अनुपात = पूँजी अनुपात
चरण 2: A : B = 3 : 2 और A = ₹40,000
चरण 3: 3/2 = 40,000/B → B = (2 × 40,000)/3 = ₹26,666.67
✅ B की पूँजी = ₹26,667 (लगभग)
📝 उदाहरण 8 — समय ज्ञात करना कठिन
A ने ₹50,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। कुछ महीने बाद B ने ₹75,000 लगाकर साझेदारी की। वर्ष के अंत में दोनों का लाभ बराबर बँटा। B ने कितने महीने बाद साझेदारी की?

✅ हल:

चरण 1: लाभ बराबरी = 1:1, अतः C₁T₁ = C₂T₂
चरण 2: 50,000 × 12 = 75,000 × T₂
चरण 3: T₂ = (50,000 × 12) / 75,000 = 6,00,000 / 75,000 = 8 महीने
चरण 4: B ने 12 − 8 = 4 महीने बाद साझेदारी की
✅ B ने 4 महीने बाद साझेदारी की
📝 उदाहरण 9 — पूँजी में परिवर्तन कठिन
A, B और C ने क्रमशः ₹40,000, ₹50,000 और ₹60,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। 4 महीने बाद A ने ₹10,000 और लगा दिए और C ने ₹20,000 निकाल लिए। वर्ष के अंत में कुल लाभ ₹42,000 हुआ। प्रत्येक का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

A का C×T: (40,000 × 4) + (50,000 × 8) = 1,60,000 + 4,00,000 = 5,60,000
B का C×T: 50,000 × 12 = 6,00,000
C का C×T: (60,000 × 4) + (40,000 × 8) = 2,40,000 + 3,20,000 = 5,60,000
अनुपात: 5,60,000 : 6,00,000 : 5,60,000 = 56 : 60 : 56 = 14 : 15 : 14
कुल भाग: 14 + 15 + 14 = 43
A = (14/43) × 42,000 = ₹13,674.42
B = (15/43) × 42,000 = ₹14,651.16
C = (14/43) × 42,000 = ₹13,674.42
✅ A ≈ ₹13,674, B ≈ ₹14,651, C ≈ ₹13,674
📝 उदाहरण 10 — कमीशन + वेतन + लाभ उन्नत
A और B ने क्रमशः ₹80,000 और ₹60,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। A कार्यकारी साझेदार है। उसे ₹3,000 मासिक वेतन और शेष लाभ का 5% कमीशन मिलता है। यदि वर्ष के अंत में कुल लाभ ₹1,00,000 है, तो प्रत्येक का कुल हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

चरण 1: A का वार्षिक वेतन = ₹3,000 × 12 = ₹36,000
चरण 2: वेतन के बाद शेष = ₹1,00,000 − ₹36,000 = ₹64,000
चरण 3: A का कमीशन = 5% of ₹64,000 = ₹3,200
चरण 4: कमीशन के बाद शेष = ₹64,000 − ₹3,200 = ₹60,800
चरण 5: पूँजी अनुपात = 80,000 : 60,000 = 4 : 3
चरण 6: A का लाभ हिस्सा = (4/7) × 60,800 = ₹34,742.86
B का लाभ हिस्सा = (3/7) × 60,800 = ₹26,057.14
चरण 7: A का कुल = ₹36,000 + ₹3,200 + ₹34,742.86 = ₹73,942.86
B का कुल = ₹26,057.14
✅ A ≈ ₹73,943, B ≈ ₹26,057
📝 उदाहरण 11 — कई साझेदार, अलग-अलग समय उन्नत
A ने ₹30,000 लगाकर जनवरी में व्यापार शुरू किया। अप्रैल में B ने ₹40,000 लगाए। जुलाई में C ने ₹50,000 लगाए। अक्टूबर में A ने ₹10,000 और लगा दिए। वर्ष के अंत में कुल लाभ ₹52,000 हुआ। प्रत्येक का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ चरणबद्ध हल:

A का C×T: (30,000 × 12) + (10,000 × 3) = 3,60,000 + 30,000 = 3,90,000
B का C×T: 40,000 × 9 = 3,60,000 (अप्रैल से दिसंबर = 9 महीने)
C का C×T: 50,000 × 6 = 3,00,000 (जुलाई से दिसंबर = 6 महीने)
अनुपात: 3,90,000 : 3,60,000 : 3,00,000 = 39 : 36 : 30 = 13 : 12 : 10
कुल भाग: 13 + 12 + 10 = 35
A = (13/35) × 52,000 = ₹19,314.29
B = (12/35) × 52,000 = ₹17,828.57
C = (10/35) × 52,000 = ₹14,857.14
✅ A ≈ ₹19,314, B ≈ ₹17,829, C ≈ ₹14,857
📝 उदाहरण 12 — SSC CGL Pattern SSC
A, B और C ने एक व्यापार में क्रमशः 1/2, 1/3 और 1/6 भाग की पूँजी लगाई। यदि कुल लाभ ₹24,000 है, तो B का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ हल:

चरण 1: पूँजी अनुपात = 1/2 : 1/3 : 1/6
चरण 2: LCM(2,3,6) = 6, अतः अनुपात = 3 : 2 : 1
चरण 3: B का हिस्सा = (2/6) × 24,000 = ₹8,000
✅ B का हिस्सा = ₹8,000
📝 उदाहरण 13 — Banking Exam Pattern Banking
A और B ने 5:3 के अनुपात में पूँजी लगाकर व्यापार शुरू किया। 6 महीने बाद C ने A के बराबर पूँजी लगाई। यदि वर्ष के अंत में कुल लाभ ₹88,000 है, तो C का हिस्सा ज्ञात करें।

✅ हल:

चरण 1: माना A की पूँजी = 5x, B की पूँजी = 3x, C की पूँजी = 5x
चरण 2: A का C×T = 5x × 12 = 60x
चरण 3: B का C×T = 3x × 12 = 36x
चरण 4: C का C×T = 5x × 6 = 30x (6 महीने बाद आया)
चरण 5: अनुपात = 60x : 36x : 30x = 10 : 6 : 5
चरण 6: C का हिस्सा = (5/21) × 88,000 = ₹20,952.38
✅ C ≈ ₹20,952
📝 उदाहरण 14 — Railway Exam Pattern Railway
तीन साझेदारों की पूँजी का अनुपात 3:4:5 है और उनके लाभ का अनुपात 5:6:7 है। उनके निवेश समय का अनुपात ज्ञात करें।

✅ हल:

चरण 1: लाभ = पूँजी × समय, अतः समय = लाभ ÷ पूँजी
चरण 2: समय अनुपात = (5/3) : (6/4) : (7/5)
चरण 3: = 5/3 : 3/2 : 7/5
चरण 4: LCM(3,2,5) = 30 से गुणा करें
= (5×10) : (3×15) : (7×6) = 50 : 45 : 42
✅ समय का अनुपात = 50 : 45 : 42
⚡ ट्रिक्स और शॉर्टकट

Exam Tricks & Shortcuts

प्रतियोगी परीक्षाओं में समय बचाने के लिए बेहतरीन ट्रिक्स

🚀 ट्रिक 1: शून्य काटने की विधि

जब पूँजी में बहुत सारे शून्य हों, तो सभी के शून्य काट दें। इससे गणना बहुत आसान हो जाती है।

उदाहरण: 50,000 × 12 : 30,000 × 8
= 5 × 12 : 3 × 8 = 60 : 24 = 5 : 2

💡
सभी संख्याओं से समान शून्य हटा दें — अनुपात नहीं बदलता!

🚀 ट्रिक 2: अनुपात सरलीकरण

अनुपात को सरल बनाने के लिए दोनों संख्याओं को उनके महत्तम समापवर्तक (HCF) से भाग दें।

उदाहरण: 48 : 36 → HCF = 12
= 48÷12 : 36÷12 = 4 : 3

💡
HCF निकालने के लिए छोटी संख्या से बड़ी को भाग दें।

🚀 ट्रिक 3: मानक इकाई विधि

यदि अनुपात a:b:c दिया हो और कुल लाभ P हो, तो:
एक भाग का मान = P ÷ (a+b+c)
फिर प्रत्येक का हिस्सा = एक भाग × उसका अनुपात

उदाहरण: अनुपात 3:5:2, लाभ ₹50,000
एक भाग = 50,000 ÷ 10 = ₹5,000
A = 3 × 5,000 = ₹15,000

🚀 ट्रिक 4: भिन्न अनुपात को पूर्णांक में बदलना

यदि अनुपात भिन्न में दिया हो (जैसे 1/2 : 1/3 : 1/4), तो सभी के हरों का LCM लेकर गुणा करें।

उदाहरण: 1/2 : 1/3 : 1/4
LCM(2,3,4) = 12
= (1/2×12) : (1/3×12) : (1/4×12) = 6 : 4 : 3

🚀 ट्रिक 5: समय की गणना — महीने गिनने की ट्रिक

"बाद में आया" → 12 में से घटाएँ
"पहले छोड़ा" → जितने महीने रहा उतना लें

3 महीने बाद आया = 12 − 3 = 9 महीने
8 महीने बाद छोड़ा = 8 महीने
शुरू से अंत तक = 12 महीने

🚀 ट्रिक 6: वेतन/कमीशन शॉर्टकट

यदि कार्यकारी साझेदार को x% वेतन मिलता है, तो:
सीधे शेष = (100−x)% × कुल लाभ
फिर शेष को अनुपात में बाँटें।

उदाहरण: 15% वेतन, लाभ ₹40,000
शेष = 85% × 40,000 = ₹34,000

🎯 ट्रिक 7: मानसिक गणना (Mental Math) — 5 सेकंड में उत्तर

स्थिति: A:B = 3:2, कुल लाभ = ₹25,000
मानसिक गणना: कुल भाग = 5, एक भाग = 25,000 ÷ 5 = 5,000
A = 3 × 5,000 = ₹15,000, B = 2 × 5,000 = ₹10,000

⚠️
सावधानी: हमेशा पहले अनुपात को सरलतम रूप में लाएँ, फिर गणना करें। इससे मानसिक गणना आसान होती है।

🎯 ट्रिक 8: परीक्षा में प्रश्न प्रकार पहचानें

प्रश्न में दिया होप्रकारक्या करें
केवल पूँजी, समय समानसरल साझेदारीपूँजी का अनुपात निकालें
पूँजी + अलग-अलग समयमिश्रित साझेदारीC×T का अनुपात निकालें
कार्यकारी साझेदार + वेतनवेतन सहितपहले वेतन निकालें, फिर बाँटें
साझेदार बाद में आया/छोड़ासमय परिवर्तनहर अवधि का C×T अलग निकालें
पूँजी भिन्न में दी होभिन्न अनुपातLCM से पूर्णांक बनाएँ
लाभ दिया, पूँजी/समय पूछाReverseसूत्र उल्टा लगाएँ
🧠 याद करने वाले Points

Memory Tricks — याद रखने की विधियाँ

इन ट्रिक्स से सूत्र कभी नहीं भूलेंगे

🎵

याद रखने की लाइन

"पूँजी गुणा समय, यही है नियम"
लाभ बाँटो इसी क्रम में!

🔑

मूल मंत्र

"जितना पैसा, जितना समय — उतना लाभ"
यही साझेदारी का नियम है!

समय याद रखें

"बाद में आया = 12 में घटाओ"
"पहले छोड़ा = जितना रहा उतना लो"

📊

सरल vs मिश्रित

"समय समान = सरल (केवल पूँजी)"
"समय अलग = मिश्रित (पूँजी × समय)"

💰

वेतन याद रखें

"पहले वेतन निकालो, फिर लाभ बाँटो"
कार्यकारी को दोनों मिलते हैं!

🔄

अनुपात सरलीकरण

"HCF से भाग दो, सरल बना लो"
भिन्न हो तो LCM से गुणा करो!

❌ छात्रों की आम गलतियाँ — सावधान रहें!

गलती 1: केवल पूँजी देखकर अनुपात निकालना, समय को भूल जाना।
सुधार: हमेशा C × T निकालें!
गलती 2: महीने और वर्ष मिक्स करना।
सुधार: सबको एक ही इकाई (महीने) में बदलें!
गलती 3: वेतन को लाभ में जोड़ देना।
सुधार: वेतन लाभ में से निकालें, जोड़ें नहीं!
गलती 4: अनुपात को सरल न करना।
सुधार: हमेशा HCF से सरल करें!
गलती 5: "बाद में आया" का समय गलत निकालना।
सुधार: 12 में से घटाएँ!
गलती 6: कुल भाग का योग भूल जाना।
सुधार: हमेशा a+b+c निकालें, फिर भाग दें!

👍 Thumb Rules — अंगूठे के नियम

  1. लाभ हमेशा पूँजी × समय के अनुपात में बँटता है
  2. समय समान हो → केवल पूँजी का अनुपात लें
  3. पूँजी समान हो → केवल समय का अनुपात लें
  4. कार्यकारी साझेदार का वेतन सबसे पहले निकालें
  5. हानि भी उसी अनुपात में बँटती है जिसमें लाभ बँटता है
  6. अनुपात को हमेशा सरलतम रूप में लिखें
  7. समय हमेशा महीनों में निकालें (वर्ष में नहीं)
  8. भिन्न अनुपात → LCM से गुणा करके पूर्णांक बनाएँ
🔢 इंटरएक्टिव कैलकुलेटर

Partnership Calculator

अपने प्रश्नों का उत्तर तुरंत जाँचें

💰 लाभ बँटवारा कैलकुलेटर
📊 अनुपात सरलीकरण कैलकुलेटर
✍️ अभ्यास सेट

Practice Sets — अभ्यास प्रश्न

अभ्यास से ही गणित में महारत हासिल होती है

📝 रिक्त स्थान भरें (Fill in the Blanks)

1. जब सभी साझेदार समान समय के लिए निवेश करते हैं, तो इसे ______ साझेदारी कहते हैं।

2. लाभ अनुपात = पूँजी × ______

3. जो साझेदार केवल पैसा लगाता है और काम नहीं करता, उसे ______ साझेदार कहते हैं।

4. A:B = 3:5 और कुल लाभ ₹16,000 है। A का हिस्सा ₹______ होगा।

5. हानि का अनुपात ______ के अनुपात के बराबर होता है।

✅❌ सत्य/असत्य (True/False)

1. मिश्रित साझेदारी में लाभ केवल पूँजी के अनुपात में बँटता है।

2. कार्यकारी साझेदार को वेतन और लाभ दोनों मिलते हैं।

3. हानि हमेशा बराबर बाँटी जाती है।

4. यदि A ने 6 महीने बाद साझेदारी की, तो उसका समय 6 महीने होगा।

📋 लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

प्रश्न 1: A = ₹20,000, B = ₹30,000, लाभ = ₹10,000। प्रत्येक का हिस्सा?

हल: अनुपात = 20,000 : 30,000 = 2 : 3

A = (2/5) × 10,000 = ₹4,000

B = (3/5) × 10,000 = ₹6,000

प्रश्न 2: A = ₹40,000 (12 माह), B = ₹30,000 (8 माह), लाभ = ₹36,000। हिस्सा?

हल: A का C×T = 40,000 × 12 = 4,80,000

B का C×T = 30,000 × 8 = 2,40,000

अनुपात = 4,80,000 : 2,40,000 = 2 : 1

A = (2/3) × 36,000 = ₹24,000

B = (1/3) × 36,000 = ₹12,000

प्रश्न 3: A:B:C = 2:3:5, कुल लाभ ₹50,000। प्रत्येक का हिस्सा?

हल: कुल भाग = 2+3+5 = 10

A = (2/10) × 50,000 = ₹10,000

B = (3/10) × 50,000 = ₹15,000

C = (5/10) × 50,000 = ₹25,000

प्रश्न 4: A = ₹50,000, B 4 महीने बाद आया। लाभ 2:1 में बँटा। B की पूँजी?

हल: A का C×T = 50,000 × 12 = 6,00,000

B का समय = 8 महीने

2/1 = 6,00,000 / (B × 8)

B × 8 = 3,00,000

B = ₹37,500

प्रश्न 5: लाभ ₹30,000, A कार्यकारी, वेतन ₹1,000/माह। पूँजी A:B = 3:2। A का कुल?

हल: A का वार्षिक वेतन = ₹1,000 × 12 = ₹12,000

शेष लाभ = ₹30,000 − ₹12,000 = ₹18,000

A का लाभ हिस्सा = (3/5) × 18,000 = ₹10,800

A का कुल = ₹12,000 + ₹10,800 = ₹22,800

🎯 इंटरएक्टिव क्विज़

Quiz — अपनी समझ जाँचें

10 प्रश्नों का क्विज़ — अपना स्कोर देखें!

1
A और B ने क्रमशः ₹40,000 और ₹60,000 लगाए। लाभ अनुपात क्या होगा? (समान समय)
2
A ने ₹30,000 लगाए (12 माह), B ने ₹20,000 (6 माह)। लाभ अनुपात?
3
अनुपात 5:3 है, कुल लाभ ₹24,000। B का हिस्सा?
4
कार्यकारी साझेदार को क्या मिलता है?
5
मिश्रित साझेदारी में लाभ अनुपात कैसे निकालते हैं?
6
A ने ₹50,000 लगाए। 3 महीने बाद B ने ₹40,000 लगाए। B का समय?
7
1/3 : 1/4 : 1/6 का सरल अनुपात क्या है?
8
हानि का अनुपात किसके बराबर होता है?
9
A:B = 4:5, B:C = 3:2। A:B:C = ?
10
A = ₹60,000 (12 माह), B = ₹90,000 (8 माह)। लाभ अनुपात?
📋 परीक्षा विशेष

Exam-Focused Content

परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्न और ट्रिक्स

🔥 परीक्षा में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले प्रश्न प्रकार

क्रमप्रश्न प्रकारआवृत्तिपरीक्षा
1मिश्रित साझेदारी (C×T)⭐⭐⭐⭐⭐SSC, Banking, Railway
2सरल साझेदारी⭐⭐⭐⭐सभी
3साझेदार जुड़ना/छोड़ना⭐⭐⭐⭐SSC CGL, CHSL
4कार्यकारी साझेदार वेतन⭐⭐⭐Banking, SSC
5पूँजी/समय ज्ञात करना⭐⭐⭐SSC, Railway
6भिन्न अनुपात⭐⭐⭐SSC CGL
7तीन+ साझेदार⭐⭐Banking PO

🕳️ परीक्षा में Common Traps — इनमें न फँसें!

🕳️
Trap 1: "6 महीने बाद" का मतलब समय = 6 महीने नहीं, बल्कि 12−6 = 6 महीने है। लेकिन "6 महीने के लिए" का मतलब सीधे 6 महीने है। शब्दों पर ध्यान दें!
🕳️
Trap 2: "पूँजी का आधा निकाल लिया" — इसका मतलब शेष पूँजी आधी हो गई। दोनों अवधियों का अलग-अलग C×T निकालें।
🕳️
Trap 3: "लाभ का 10% कमीशन" — यह कुल लाभ से निकलता है, शेष लाभ से नहीं। प्रश्न ध्यान से पढ़ें।
🕳️
Trap 4: अनुपात 3:5 दिया है, लेकिन उत्तर में 5:3 का विकल्प भी होगा। ध्यान से देखें कि किसका हिस्सा पूछा गया है!

📝 One-Liner Revision Notes

  • साझेदारी = दो या अधिक व्यक्ति मिलकर व्यापार करें
  • सरल साझेदारी → समय समान → लाभ अनुपात = पूँजी अनुपात
  • मिश्रित साझेदारी → समय अलग → लाभ अनुपात = (पूँजी × समय) अनुपात
  • कार्यकारी साझेदार = वेतन/कमीशन + लाभ हिस्सा
  • निष्क्रिय साझेदार = केवल लाभ हिस्सा
  • हानि अनुपात = लाभ अनुपात
  • "बाद में आया" → समय = 12 − महीने
  • "पूँजी बढ़ाई/घटाई" → दोनों अवधियों का अलग C×T
  • भिन्न अनुपात → LCM से गुणा करके पूर्णांक बनाएँ
  • अनुपात सरल करने के लिए HCF से भाग दें

🎯 परीक्षा रणनीति

✅ क्या करें

  • प्रश्न ध्यान से पढ़ें — प्रकार पहचानें
  • सबसे पहले अनुपात सरल करें
  • C×T निकालने में जल्दबाजी न करें
  • समय हमेशा महीनों में लें
  • उत्तर की जाँच करें (योग = कुल लाभ?)

❌ क्या न करें

  • समय को न भूलें
  • वेतन को लाभ में न जोड़ें
  • अनुपात को उल्टा न लिखें
  • LCM/HCF न भूलें
  • इकाइयाँ (₹, महीने) न भूलें
🔄 त्वरित रिवीज़न

Quick Revision — अंतिम समय रिवीज़न

परीक्षा से पहले इसे एक बार ज़रूर पढ़ें

📌 परिभाषाएँ

  • साझेदारी: दो+ व्यक्ति मिलकर व्यापार
  • पूँजी: व्यापार में लगाया गया धन
  • लाभ: व्यापार से हुई कमाई
  • सरल: समय समान
  • मिश्रित: समय अलग-अलग
  • कार्यकारी: काम + पैसा
  • निष्क्रिय: केवल पैसा

📌 सभी सूत्र

  • लाभ अनुपात = C₁T₁ : C₂T₂
  • सरल: लाभ = C₁ : C₂
  • A का हिस्सा = (a/a+b) × लाभ
  • शेष लाभ = कुल लाभ − वेतन
  • कमीशन = (%/100) × लाभ
  • हानि अनुपात = लाभ अनुपात
  • समय = लाभ ÷ पूँजी

📌 महत्वपूर्ण ट्रिक्स

  • शून्य काटकर गणना आसान करें
  • HCF से अनुपात सरल करें
  • LCM से भिन्न को पूर्णांक बनाएँ
  • "बाद में" = 12 में घटाएँ
  • मानक इकाई विधि अपनाएँ
  • वेतन पहले निकालें

📌 सावधानियाँ

  • समय को कभी न भूलें
  • इकाइयाँ समान रखें
  • अनुपात सरल ज़रूर करें
  • वेतन को जोड़ें नहीं, निकालें
  • "बाद में" vs "के लिए" में अंतर
  • उत्तर की जाँच ज़रूर करें
🎓

आप तैयार हैं!

आपने साझेदारी का पूरा अध्याय पढ़ लिया है। अब अभ्यास करें, क्विज़ दें, और परीक्षा में आत्मविश्वास के साथ उत्तर लिखें। आप यह कर सकते हैं! 💪

🎯 क्विज़ दें