Algebra Basics — Complete Chapter
स्कूल परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, Railway, Banking, Police, UPSC) के लिए बीजगणित का संपूर्ण अध्याय। शून्य से उन्नत स्तर तक — सब कुछ एक ही पेज पर!
बीजगणित गणित की वह शाखा है जिसमें अज्ञात राशियों को खोजा जाता है
बीजगणित (Algebra) गणित की सबसे महत्वपूर्ण शाखाओं में से एक है। "बीज" का अर्थ है "मूल" या "बीज" और "गणित" का अर्थ है "गणना"। यानी बीजगणित वह गणित है जो मूल (अज्ञात) राशियों को खोजने में मदद करता है।
सरल शब्दों में — जब हमें कोई संख्या नहीं पता होती, तो हम उसे एक अक्षर (जैसे x, y, z) से दर्शाते हैं और फिर गणितीय नियमों का उपयोग करके उस अज्ञात संख्या का मान निकालते हैं। यही बीजगणित है!
मान लीजिए आपके पास कुछ आम हैं और आपके दोस्त के पास 5 आम हैं। दोनों के मिलाकर 12 आम हैं। तो आपके पास कितने आम हैं? बीजगणित में हम लिखेंगे: x + 5 = 12, जहाँ x आपके आमों की संख्या है। हल करने पर x = 7 मिलता है।
यदि 3 किलो चीनी की कीमत ₹90 है, तो 1 किलो की कीमत = 90/3 = ₹30
बीजगणित: 3x = 90 → x = 30
साधारण ब्याज = (P × R × T)/100
यहाँ P, R, T सभी बीजगणितीय चर हैं
आयत का क्षेत्रफल = लंबाई × चौड़ाई = l × b
यह एक बीजगणितीय व्यंजक है
बीजगणित शब्द अरबी भाषा के "अल-जबर" (al-jabr) से आया है। 9वीं शताब्दी में फारसी गणितज्ञ अल-ख्वारिज्मी ने "किताब अल-जबर वल-मुकाबला" नामक पुस्तक लिखी थी, जिसे बीजगणित की पहली पुस्तक माना जाता है। भारत में आर्यभट्ट, ब्रह्मगुप्त और भास्कराचार्य ने भी बीजगणित में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
बीजगणित की सबसे बुनियादी अवधारणा — जानें चर और अचर में क्या अंतर है
चर वह राशि है जिसका मान बदल सकता है या जो अज्ञात है। हम चर को अंग्रेजी अक्षरों जैसे x, y, z, a, b, c, p, q, r आदि से दर्शाते हैं।
उदाहरण: यदि हम कहें "एक संख्या में 3 जोड़ने पर 10 मिलता है", तो वह संख्या हमें नहीं पता। इसलिए हम उसे x मान लेते हैं: x + 3 = 10
चर का मान अलग-अलग स्थितियों में अलग-अलग हो सकता है। समीकरण x + 3 = 10 में x = 7 है, लेकिन x + 3 = 15 में x = 12 है। यही चर की विशेषता है — यह बदल सकता है!
अचर वह राशि है जिसका मान हमेशा स्थिर रहता है — यह कभी नहीं बदलता। संख्याएँ जैसे 2, 5, −3, 0, 100, π, e सभी अचर हैं।
उदाहरण: व्यंजक 3x + 7 में, 7 एक अचर है क्योंकि इसका मान हमेशा 7 रहेगा, चाहे x का मान कुछ भी हो।
| विशेषता | चर (Variable) | अचर (Constant) |
|---|---|---|
| मान | बदल सकता है | हमेशा स्थिर रहता है |
| प्रतीक | x, y, z, a, b, c | 2, 5, −3, π, 0 |
| उदाहरण | 2x + 3 = 7 → x = 2 | 2x + 3 में 3 अचर है |
| प्रकृति | अज्ञात या परिवर्तनशील | ज्ञात और स्थिर |
| उपयोग | अज्ञात राशि खोजने में | निश्चित मान दर्शाने में |
गुणांक वह संख्या है जो चर के साथ गुणा में लगी होती है। यह बताती है कि चर कितनी बार आ रहा है।
| पद | चर | गुणांक | अचर |
|---|---|---|---|
| 5x | x | 5 | — |
| 3y | y | 3 | — |
| −2z | z | −2 | — |
| 7 | — | — | 7 |
यदि चर के आगे कोई संख्या नहीं लिखी है, तो उसका गुणांक 1 होता है। जैसे: x = 1x, y = 1y। और यदि −x लिखा है, तो गुणांक −1 है।
आइए 4x² + 3x − 7 को समझें:
व्यंजक क्या है, पद क्या हैं, और सजातीय-विजातीय पदों में क्या अंतर है
जब चर, अचर और गणितीय संक्रियाएँ (+, −, ×, ÷) मिलकर एक गणितीय वाक्य बनाते हैं, तो उसे बीजगणितीय व्यंजक कहते हैं।
महत्वपूर्ण: व्यंजक में बराबर का चिह्न (=) नहीं होता। यदि = चिह्न हो, तो वह समीकरण बन जाता है।
व्यंजक (Expression) और समीकरण (Equation) में अंतर:
• व्यंजक: 2x + 3 (कोई = नहीं, इसका "हल" नहीं निकालते, सिर्फ सरल करते हैं)
• समीकरण: 2x + 3 = 7 (= है, इसका हल निकालते हैं: x = 2)
व्यंजक के प्रत्येक भाग जो + या − से अलग होता है, उसे पद (Term) कहते हैं।
इसमें 4 पद हैं: 4x², 3x, −7y, 2
वे पद जिनमें समान चर और समान घात हो, उन्हें सजातीय पद कहते हैं। इन्हें जोड़ा या घटाया जा सकता है।
वे पद जिनमें भिन्न चर या भिन्न घात हो, उन्हें विजातीय पद कहते हैं। इन्हें जोड़ा या घटाया नहीं जा सकता।
छात्र अक्सर 3x + 5y = 8xy लिख देते हैं — यह गलत है! विजातीय पदों को जोड़ा नहीं जा सकता। 3x + 5y को ऐसे ही छोड़ दें।
| सजातीय पद (Like Terms) | विजातीय पद (Unlike Terms) |
|---|---|
| 2x, 5x, −3x | 2x, 3y |
| 4x², x², −7x² | x², x³ |
| 3ab, −5ab, ab | 3ab, 3ac |
| जोड़/घटा सकते हैं | जोड़/घटा नहीं सकते |
| 2x + 5x = 7x | 2x + 3y = 2x + 3y (ऐसे ही रहेगा) |
Monomial, Binomial, Trinomial और Polynomial की पूरी जानकारी
केवल एक पद वाला व्यंजक
दो पदों वाला व्यंजक
तीन पदों वाला व्यंजक
बहुपद वह बीजगणितीय व्यंजक है जिसमें:
यहाँ n बहुपद की घात (Degree) है — यानी चर की सबसे बड़ी घात।
| बहुपद | पदों की संख्या | घात (Degree) | प्रकार |
|---|---|---|---|
| 5x³ + 2x − 1 | 3 | 3 | त्रिपदी, घन बहुपद |
| x² + 4 | 2 | 2 | द्विपदी, द्विघात बहुपद |
| 3x | 1 | 1 | एकपदी, रैखिक बहुपद |
| 7 | 1 | 0 | एकपदी, अचर बहुपद |
घात 0 → अचर बहुपद (Constant)
घात 1 → रैखिक बहुपद (Linear)
घात 2 → द्विघात बहुपद (Quadratic)
घात 3 → घन बहुपद (Cubic)
जोड़, घटाव, गुणा और भाग — सभी संक्रियाएँ विस्तार से
व्यंजकों को जोड़ने के लिए सजातीय पदों को जोड़ें। विजातीय पदों को ऐसे ही छोड़ दें।
केवल सजातीय पदों (Like Terms) को ही जोड़ा जा सकता है। चर और उनकी घात समान होनी चाहिए।
घटाव में चिह्न बदलना सबसे महत्वपूर्ण है। घटाए जाने वाले व्यंजक के हर पद का चिह्न बदल दें और फिर जोड़ें।
घटाव में सबसे ज़्यादा गलती चिह्न बदलने में होती है। याद रखें: −(a + b) = −a − b और −(a − b) = −a + b
गुणा में: गुणांकों का गुणा करें और चरों की घातों को जोड़ें।
xᵃ × xᵇ = xᵃ⁺ᵇ (घातें जुड़ती हैं)
गुणांक × गुणांक, चर × चर
भाग में: गुणांकों का भाग दें और चरों की घातों को घटाएँ।
xᵃ ÷ xᵇ = xᵃ⁻ᵇ (घातें घटती हैं)
बीजगणित में तीन प्रकार के कोष्ठक उपयोग होते हैं और इन्हें खोलने के नियम बहुत महत्वपूर्ण हैं।
| कोष्ठक | प्रतीक | नाम | उपयोग |
|---|---|---|---|
| ( ) | लघु कोष्ठक | Parentheses | सबसे पहले हल करें |
| { } | मध्यम कोष्ठक | Braces | दूसरे क्रम में |
| [ ] | बड़ा कोष्ठक | Square Brackets | तीसरे क्रम में |
1. +( ... ) → कोष्ठक के अंदर के चिह्न नहीं बदलते
2. −( ... ) → कोष्ठक के अंदर के सभी चिह्न बदल जाते हैं
3. a(b + c) = ab + ac → वितरण नियम (Distributive Law)
4. क्रम: पहले ( ), फिर { }, फिर [ ]
समीकरण क्या है, कैसे हल करें, और तुला विधि से समझें
जब दो बीजगणितीय व्यंजक बराबर (=) के चिह्न से जुड़े होते हैं, तो उसे समीकरण (Equation) कहते हैं।
समीकरण का उद्देश्य अज्ञात चर का मान खोजना है।
समीकरण एक तुला की तरह है — दोनों तरफ बराबर होना चाहिए!
तुला संतुलित रखने के लिए: जो भी क्रिया एक तरफ करें, वही दूसरी तरफ भी करें।
• दोनों तरफ जोड़ें → संतुलन बना रहे
• दोनों तरफ घटाएँ → संतुलन बना रहे
• दोनों तरफ गुणा करें → संतुलन बना रहे
• दोनों तरफ भाग दें → संतुलन बना रहे
पद को = के दूसरी तरफ ले जाएँ → चिह्न बदल जाए
+ → − , − → + , × → ÷ , ÷ → ×
सभी जरूरी बीजगणितीय सूत्र — याद रखने योग्य और परीक्षा में काम आने वाले
ज्यामितीय रूप से समझें कि सर्वसमिकाएँ क्यों सही हैं
एक वर्ग जिसकी भुजा (a + b) है, उसे चार भागों में बाँटें:
कुल क्षेत्रफल = a² + ab + ab + b² = a² + 2ab + b²
यदि a = 3, b = 2:
(3 + 2)² = 5² = 25
3² + 2(3)(2) + 2² = 9 + 12 + 4 = 25 ✓
दोनों तरफ बराबर! यह सर्वसमिका हमेशा सत्य है।
एक बड़े वर्ग (भुजा a) में से छोटा वर्ग (भुजा b) काटें। बचे हुए भाग को एक आयत में बदला जा सकता है।
a² − b² (लाल भाग)
आयत: लंबाई = a+b, चौड़ाई = a−b
a और b के मान डालें और देखें कि सर्वसमिका कैसे काम करती है!
व्यंजक को गुणनखंडों में तोड़ना — प्रतियोगी परीक्षा का महत्वपूर्ण टॉपिक
गुणनखंडन का अर्थ है किसी व्यंजक को ऐसे छोटे-छोटे व्यंजकों के गुणनफल के रूप में लिखना जिन्हें और नहीं तोड़ा जा सकता।
जैसे: 12 = 2 × 2 × 3 (संख्या के गुणनखंड)
वैसे ही: x² + 5x + 6 = (x + 2)(x + 3) (व्यंजक के गुणनखंड)
सभी पदों में जो common (उभयनिष्ठ) है, उसे बाहर निकालें।
सर्वसमिकाओं का उपयोग करके गुणनखंडन करें।
ax² + bx + c रूप के द्विघात व्यंजक में, मध्य पद b को दो भागों में तोड़ें जिनका गुणनफल a × c हो।
पदों को समूह में बाँटकर उभयनिष्ठ निकालें।
घातांक के नियम — सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर पूछे जाते हैं
जब किसी संख्या या चर को बार-बार गुणा किया जाता है, तो उसे घातांक के रूप में लिखा जाता है।
यहाँ x आधार (Base) है और 5 घातांक (Exponent) है।
| नियम | सूत्र | उदाहरण |
|---|---|---|
| गुणा नियम | xᵃ × xᵇ = xᵃ⁺ᵇ | x³ × x⁴ = x⁷ |
| भाग नियम | xᵃ ÷ xᵇ = xᵃ⁻ᵇ | x⁸ ÷ x³ = x⁵ |
| घात का घात | (xᵃ)ᵇ = xᵃᵇ | (x²)³ = x⁶ |
| गुणनफल की घात | (xy)ⁿ = xⁿyⁿ | (2x)³ = 8x³ |
| भागफल की घात | (x/y)ⁿ = xⁿ/yⁿ | (x/2)² = x²/4 |
| शून्य घात | x⁰ = 1 | 5⁰ = 1, x⁰ = 1 |
| ऋणात्मक घात | x⁻ⁿ = 1/xⁿ | x⁻² = 1/x² |
| भिन्नात्मक घात | x¹/ⁿ = ⁿ√x | x¹/² = √x |
xᵃ × xᵇ ≠ xᵃᵇ — गुणा में घातें जुड़ती हैं, गुणा नहीं होतीं!
(xᵃ)ᵇ ≠ xᵃ⁺ᵇ — घात का घात में घातें गुणा होती हैं!
x⁰ = 1 (x ≠ 0), न कि 0!
प्रतियोगी परीक्षाओं में समय बचाने वाली तेज़ विधियाँ
(a+b)² और (a−b)² का अंतर:
(a+b)² − (a−b)² = 4ab
(a+b)² + (a−b)² = 2(a²+b²)
सीधे उत्तर निकालें!
x + 1/x का मान दिया हो:
यदि x + 1/x = k, तो
x² + 1/x² = k² − 2
x³ + 1/x³ = k³ − 3k
यह SSC में बहुत आता है!
तेज़ गुणनखंडन:
x² + (a+b)x + ab = (x+a)(x+b)
बस दो संख्याएँ खोजें जिनका योग मध्य पद और गुणनफल अचर पद हो।
विकल्पों से जाँच (Option Testing):
MCQ में विकल्पों को समीकरण में रखकर जाँचें — यह सबसे तेज़ विधि है!
मान रखने की विधि (Substitution):
जटिल व्यंजक में a=1, b=1 रखकर विकल्प जाँचें। सही विकल्प मेल खाएगा।
घातांक शॉर्टकट:
यदि aˣ = aʸ तो x = y (आधार समान हो)
यदि aˣ = bˣ तो a = b (घात समान हो, x ≠ 0)
यदि x + 1/x = k दिया है, तो:
| ज्ञात करना है | सूत्र |
|---|---|
| x² + 1/x² | k² − 2 |
| x³ + 1/x³ | k³ − 3k |
| x⁴ + 1/x⁴ | (k² − 2)² − 2 |
| x − 1/x | ±√(k² − 4) |
यदि a + b + c = 0, तो a³ + b³ + c³ = 3abc
जब प्रश्न में व्यंजक दिया हो और विकल्प हों, तो चर में सरल मान (जैसे x=1, x=0) रखकर दोनों तरफ जाँचें। जिस विकल्प में मेल खाए, वही उत्तर है।
विकल्प: (A) x³+6x²+11x+6 (B) x³+5x²+10x+6
फॉर्मूले याद रखने की आसान ट्रिक्स और स्मरण विधियाँ
"आपका वर्ग + दो गुना आप बी + बी का वर्ग"
= a² + 2ab + b²
"आपका वर्ग माइनस दो गुना आप बी प्लस बी का वर्ग"
= a² − 2ab + b²
"वर्ग माइनस वर्ग = जोड़ × अंतर"
a² − b² = (a+b)(a−b)
(a+b)² ≠ a² + b²
बीच में 2ab ज़रूर आएगा!
यह सबसे बड़ी गलती है!
गुणा → घात जोड़ें
भाग → घात घटाएँ
घात का घात → गुणा करें
शून्य घात → हमेशा 1
समीकरण हल करते समय:
"जो दूसरी तरफ जाए, उसका चिह्न बदल जाए"
+ ↔ − , × ↔ ÷
| ❌ गलत | ✅ सही | कारण |
|---|---|---|
| (x+3)² = x² + 9 | (x+3)² = x² + 6x + 9 | 2ab पद भूल गए |
| 3x + 5y = 8xy | 3x + 5y = 3x + 5y | विजातीय पद जोड़ दिए |
| x² + x³ = x⁵ | x² + x³ = x²(1+x) | घातें जोड़ दीं (गुणा में जुड़ती हैं) |
| √(a+b) = √a + √b | √(a+b) ≠ √a + √b | वर्गमूल वितरित नहीं होता |
| 1/(a+b) = 1/a + 1/b | 1/(a+b) ≠ 1/a + 1/b | हर अलग नहीं होता |
| −(x−3) = −x − 3 | −(x−3) = −x + 3 | दूसरे पद का चिह्न नहीं बदला |
| x⁰ = 0 | x⁰ = 1 | कोई भी संख्या की 0 घात = 1 |
बहुत आसान से लेकर प्रतियोगी परीक्षा स्तर तक — सभी प्रकार के उदाहरण
स्वयं हल करें — रिक्त स्थान भरें, सही/गलत, MCQ और मिलान प्रश्न
1. (a + b)² = a² + + b²
2. a² − b² = (a + b) ×
3. x³ × x⁴ = x
4. किसी भी संख्या की शून्य घात =
5. 3x + 5x =
6. −(x − 5) = −x +
अपनी समझ की जाँच करें — 10 प्रश्नों का क्विज़
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर चुनें। अंत में स्कोर देखें!
प्रतियोगी परीक्षाओं में सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले प्रश्न और पैटर्न
• x + 1/x वाले प्रश्न बहुत आते हैं
• a³ + b³ + c³ − 3abc वाले प्रश्न
• घातांक के नियम
• सरलीकरण (Simplification)
• रैखिक समीकरण
• द्विघात समीकरण
• गुणनखंडन
• बहुपद की घात
• सरलीकरण (BODMAS + Algebra)
• द्विघात समीकरण तुलना
• असमिकाएँ (Inequalities)
• संख्या प्रणाली + Algebra mix
यह SSC में सबसे ज़्यादा पूछा जाने वाला पैटर्न है।
शॉर्टकट:
उदाहरण: यदि x + 1/x = 5, तो x⁴ + 1/x⁴ = ?
x² + 1/x² = 25 − 2 = 23
x⁴ + 1/x⁴ = 23² − 2 = 529 − 2 = 527
ax² + bx + c = 0 के मूल α और β हों, तो:
उदाहरण: 2x² − 5x + 3 = 0 के मूलों का योग और गुणनफल?
योग = −(−5)/2 = 5/2
गुणनफल = 3/2
BODMAS नियम का पालन करें:
Bracket → Of → Division → Multiplication → Addition → Subtraction
उदाहरण: 2x − [3x − {x − (2x − 5)}] सरल करें
= 2x − [3x − {x − 2x + 5}]
= 2x − [3x − {−x + 5}]
= 2x − [3x + x − 5]
= 2x − [4x − 5]
= 2x − 4x + 5 = −2x + 5
जाल 1: √(x²) = |x|, न कि सिर्फ x
जाल 2: x² = 4 → x = ±2, न कि सिर्फ 2
जाल 3: 0 से भाग अपरिभाषित है
जाल 4: (−2)² = 4, लेकिन −2² = −4 (कोष्ठक महत्वपूर्ण!)
जाल 5: x² > 4 → x > 2 या x < −2 (दोनों स्थितियाँ)
ax + b = c रूप का समीकरण हल करें
परीक्षा से पहले अंतिम बार — सभी सूत्र और महत्वपूर्ण बिंदु एक नज़र में
(a+b)² = a²+2ab+b²
(a−b)² = a²−2ab+b²
a²−b² = (a+b)(a−b)
(a+b)³ = a³+3a²b+3ab²+b³
(a−b)³ = a³−3a²b+3ab²−b³
xᵃ × xᵇ = xᵃ⁺ᵇ
xᵃ ÷ xᵇ = xᵃ⁻ᵇ
(xᵃ)ᵇ = xᵃᵇ
x⁰ = 1
x⁻ⁿ = 1/xⁿ
(xy)ⁿ = xⁿyⁿ
उभयनिष्ठ निकालें
सूत्र लगाएँ
मध्य पद विभाजन
समूहन विधि
a²−b² = (a+b)(a−b)
x+1/x=k → x²+1/x² = k²−2
x+1/x=k → x³+1/x³ = k³−3k
a+b+c=0 → a³+b³+c³ = 3abc
विकल्प जाँच विधि
ax+b=c → x=(c−b)/a
ax+by=c, dx+ey=f
→ विलोपन/प्रतिस्थापन
द्विघात सूत्र याद रखें
(a+b)² ≠ a²+b²
विजातीय पद न जोड़ें
चिह्न बदलना न भूलें
x⁰ = 1, न कि 0
√(x²) = |x|